ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ? – Operating System

Operating System – हम सब एक देश में रहते हैं इसके Rules and regulations को फॉलो करते हैं। अगर कोई इनको तोड़ता है तो सिस्टम फेल हो जाता है। यह नियम कानून बनाने के लिए हमारे देश में न्यायपालिका और संसद होती है और यह सब मिलकर सिस्टम को चलाते हैं।

Operating System

ठीक इसी तरह computer भी Rules and regulations पर वर्क करता है। और यह बनाते हैं programmer जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं। यह इंसानों की जरूरत के हिसाब से इन Rules को बनाते और Modified करते हैं।

Rules and regulations एक Set of Instruction है जो कि कंप्यूटर को यह बताता है कि तुम्हें क्या करना है? और कैसे करना है? इनको Program कहा जाता है और कई सारे प्रोग्राम से मिलकर बनता है एक Operating System. एक यूजर को अगर कोई प्रोग्राम बनाना है तो वह सिंपल टेक्स्ट एडिटर है जैसे Notepad में High Level Language में बना सकता है। यह language C, C++, Java etc. हो सकती है।

What is Operating System ?

In English – Operating system is a program that controls the execution of an application program and acts as interface between the user and computer hardware.

हिंदी में – ऑपरेटिंग सिस्टम प्रोग्रामो का वह समूह है जो Application सॉफ्टवेयरों को कंट्रोल करने और चलाने में मदद करता है। साथ ही यह यूजर और कंप्यूटर के बीच Interface करवाता है। जिससे यूजर को कंप्यूटर चलाने में कोई परेशानी ना हो।

Examples of OS

  • Windows 7, 8.1, 10, XP
  • Mac OS X 10.12
  • Linux os for pc
  • Windows 8
  • Mac OS X 10.11
  • Macc OS X 10.10

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या काम करता है ? Job of an Operating System

वैसे तो ऑपरेटिंग सिस्टम का कंप्यूटर के सारे काम करता है हम यहाँ 6 कामो को ही बतायेगे जो सबसे important है –

1. Program Execution – 

इंसान बहुत मतलबी है यह कंप्यूटर के पास आता ही किसी ना किसी काम को पूरा करने के लिए। हमारे ढेर सारे काम के लिए हम अलग अलग सॉफ्टवेयर से करते है। इनको चलाने में मदद करता है Operating System. यह इन software को ऐसा एनवायरनमेंट देता है जिससे बहुत सारे प्रोग्राम एक समय में execute हो सके इसे Multitasking कहा जाता है।


2. Input Output Operations

अगर हम Computer से कुछ पूछे तब हमारी प्रॉब्लम सॉल्व करता है । इसे इनपुट डिवाइसेस से किया जाता है। जब हम कोई इनपुट करते हैं तो कंप्यूटर उसे प्रोसेस कर हमें जल्द आउटपुट देता है। ऑपरेटिंग सिस्टम इनपुट आउटपुट ऑपरेशन को मैसेज करता है।

3. File Management

कंप्यूटर में ढेरों फाइल और फोल्डर रोज बनते हैं इन सभी को बनाने और डिलीट करने का काम ऑपरेटिंग सिस्टम करता है और पुराने फाइल्स का बैकअप भी लेता है। अगर कोई फाइल गलती से Delete हो जाए तो उसे Restore भी करता है।

4. Memory Management

कंप्यूटर में दो तरह की Memory होती है Primary और Secondary. इनका यूज़ भी अलग अलग होता है। जिनमें प्राइमरी मेमोरी कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ाती है और सेकेंडरी मेमोरी कंप्यूटर की फाइल और डेटा को सुरक्षित रखती हैं। इन दोनों को मैनेज करने का काम भी ऑपरेटिंग सिस्टम करता है।

5. Communication

कंप्यूटर के अंदर डाटा के संचार को ऑपरेटिंग सिस्टम manage करता है। कंप्यूटर 0 और 1 की भाषा को ही समझ पाता है। प्रोग्राम ऐसे बने होते हैं जो कंप्यूटर को उसकी भाषा में चलाएं। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर के इंस्ट्रक्शन Communicate करता है।

6. Error Detection

जब कोई ऐसा प्रोग्राम कंप्यूटर में आ जाये, जो कंप्यूटर की गति और ऑपरेटिंग सिस्टम की कोडिंग को बिगाड़ने का काम करें तो उसमें Error आ जाती है और कंप्यूटर मैसेज देता है। ऐसे प्रोग्राम को वायरस कहा जाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर में किसी भी तरह की खराबी को ढूंढता है और ठीक करता है। अगर वह उसे ठीक नहीं कर सके तो यूजर को इंफॉर्मेशन देता है।

Conclusion

Operating System एक ऐसा Software है जो कंप्यूटर के hardware को user की जरूरत के अनुसार काम करवाता है और उसे व्यवस्थित रखता है इसे System Software भी कहते हैं। कंप्यूटर को चलाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत जरूरी है ।

       
 

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